Shriramshantay Organic Farming Research and Training Centre Kota: Advisory
State Level Advisory
Shriramshantay Organic Farming Research and Training Centre Kota · 05 Sep 2026, 08:53 PM IST
गो आधारित जैविक खेती के लिए श्रीरामशांताय जैविक कृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केन्द्र द्वारा सरल पद्धति विकसित की है, संक्षिप्त जानकारी यहाँ सकलित हैं।
1. सरल कम्पोस्ट : परम्परागत तरीके से संग्रहीत पशु अपशिष्ट (रोड़ी/कुरडी/आकुड़ा/धूरा/रेवड़ी) एवं अन्य फसल अवशेष को खाद बनाने हेतु
A. देशी गाय का ताजा गोबर (2-4 दिन तक ताजा ही रहता है) - 30 किकिलोग्रा
B. ताजा छाछ - 30 लीटर
C. गुड़ - 2 किलोग्राम
D. पानी 140 लीटर
अब एक लकड़ी की सहायता से उक्त ढेर में सतह तक जगह-जगह छेद करने है, उपरोक्त समस्त सामग्री का एक ड्रम में घोल बना कर उक्त प्रत्येक छेद में जग या मग के द्वारा भर दीजिए। शेष गाढ़ा घोल को ढेर पर छिड़काव करना है। अन्त मे इस पर कचरा ढक कर दो माह के लिए छोड़ना है। 2 माह में यह खाद तैयार हो जाएगा जो भुरभुरा, सुगन्धित, ठण्डा, कचरे के बीज से मुक्त एवं काले रंग का होगा।
जैविक खेती