Shriramshantay Organic Farming Research and Training Centre Kota: Advisory
State Level Advisory
गोमूत्र व चूना घोल की प्रयोग विधि. वानस्पतिक बढ़वार हेतु छिड़काव 1.5 लीटर गोमूत्र और 24 ग्राम चूना (पान/ तम्बाकू में उपयोग होने वाला) को मिलाकर 13 लीटर पानी के लिए उपयोग करें।विशेष विवरण:- बाजार में चूना अलग-अलग तरीके से उपलब्ध होता है। जैसे- छोटी ट्यूब, बड़ी ट्यूब एवं शिशी में भी तरल चूना मिलता है। उपरोक्त प्रयोग में 4 इंच वाली ट्यूब उपयोग कर सकते हैं या इनमें से किसी भी एक ट्यूब से 4 चाय वाले चम्मच चूना को 1.5 लीटर गोमूत्र के साथ 13.5 लीटर पानी के लिए उपयोग करें।फलदार एवं छायादार पेड़ों में यह छिड़काव निम्न अनुसार करेंपहला छिड़काव फूल आने से पहले, दूसरा छिड़काव मूंग के दाने के बराबर का फल बनने पर एवं अन्तिम छिड़काव मध्यम आकार के फल बनने पर करें।खड़ी फसल मे प्रयोग - रोपाई या सीधी बुवाई के 1 माह बाद, प्रथम छिड़काव इसके बाद 15 दिन के अन्तराल पर दूसरा छिड़काव गोमूत्र चूने का छिड़काव जरूर करें।सब्जियों में - रोपाई या सीधी बुवाई के 1 माह बाद, प्रथम छिड़काव इसके बाद प्रत्येक 15 दिन के अन्तराल पर गोमूत्र चूने का छिड़काव जरूर करें।उपरोक्त के अतिरिक्त फसलों में बड़वार कम दिखने पर पीलापन आने पर कभी भी छिड़काव करके परिणाम लिए जा सकते हैं।किचन गार्डन एवं घरों में लगाए गए सब्जियों एवं पेड़ों में बढ़वार या घरेलू वृक्षों में फुटान रुकी हुई है तो गोमूत्र चूने का छिड़काव जरुर करें।